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Road Rage Case against Navjot Siddhu

रोड रेज मामला: सिद्धू के खिलाफ सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट फिर तैयार

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली

पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री और कांग्रेसी नेता नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। 30 साल पुराने रोडरेज मामले में पीड़ित पक्ष की रिव्यू पिटीशन को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। घटना रोडरेज के दौरान बुजुर्ग की मौत से जुड़ी है। जस्टिस एएम खानविलकर और संजय किशन कौल की बेंच ने फैसले की समीक्षा के लिए दायर याचिका पर सिद्धू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 15 मई को सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को इस मामले में सिर्फ एक हजार रुपए का जुर्माना किया था। कोर्ट ने कहा था कि रोड रेज में हुई मौत के लिए सिद्धू को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
ये है मामला…
1988 में नवजोत सिंह सिद्धू पटियाला में कार से कहीं जा रहे थे और उस समय गुरनाम सिंह नामक एक बुजुर्ग से उनका झगड़ा हो गया। बताया जाता है कि गुरनाम सिंह और उनके बीच वादविवाद हुआ जिसके बाद सिद्धू अपना आपा खो बैठे। उन्होंने गुरनाम सिंह को थप्पड़ जड़ दिया जिसमें उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने नवजोत सिंह सिद्धू और उनके दोस्त रुपिंदर सिंह के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था। निचली अदालत ने नवजोत सिंह सिद्धू को सबूतों के अभाव में 1999 में बरी कर दिया था। लेकिन पीड़ित पक्ष निचली अदालत के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा। 2006 में हाईकोर्ट ने इस मामले में नवजोत सिंह सिद्धू को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ नवजोत सिंह सिद्धू सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई 2018 को सिर्फ जुर्माना लगाकर सिद्धू को बरी कर दिया। 
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