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Roadways Strike in Haryana Ends

हरियाणा में 16 अक्टूबर से जारी रोडवेज हड़ताल आखिरकार 18वें दिन हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद खत्म हो गई। शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी की कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां कोर्ट ने रोडवेज कर्मचारियों के साथ-साथ दूसरी कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों को पेश होने के लिए बुलाया था। कोर्ट ने कर्मचारियों को 3.15 तक हड़ताल खत्म करने का आदेश दिया था। 3.15 के बाद जब कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई तो कर्मचारियों ने कोर्ट को हड़ताल खत्म करने का आश्वासन दिया है और कहा है कि शनिवार से हरियाणा रोडवेज सड़कों पर दौड़ने लगेगी।

गुरुवार को कोर्ट में हरियाणा रोडवेज हड़ताल के मुद्दे पर हुई थी सुनवाई

  1. इससे पहले सुबह चीफ जस्टिस की कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई थी। जिसमें कोर्ट ने यूनियन को 12.30 बजे तक हड़ताल खत्म कर कोर्ट को नोटिफाई करने के लिए बोला था लेकिन कोई भी यूनियन कर्मचारी हाईकोर्ट नहीं पहुंचा। इसके बाद 2 बजे फिर से सुनवाई शुरू हुई। कोर्ट ने यूनियन के पदाधिकारियों को दोपहर 3.15 बजे तक हड़ताल खत्म करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा है कि लोग परेशान हो रहे हैं, दीपावली अच्छे से मनाने के लिए हड़ताल खत्म करें।
  2. लोग परेशान हो रहे हैं। कोर्ट ने यह भी कहा है कि किसी भी कर्मचारी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा और एस्मा के तहत कार्रवाई नहीं होगी। कोर्ट ने कहा है कि वह कर्मचारियों की हड़ताल को सुनने के लिए तैयार है, लेकिन इससे पहले जनता के हित के लिए हड़ताल को खत्म करें। कोर्ट में यूनियन के नेता बलवान सिंह के साथ सवाल- जवाब हुए। कोर्ट ने कहा है कि 12 तारीख को यूनियन नेता और सरकार के नुमाइंदे के बीच बैठक करवाकर मामले को हल किया जाएगा।
  3. बता दें कि गुरुवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने फैसला लिया था कि रोडवेज से जुड़े सभी मुद्दों की सुनवाई उनकी कोर्ट में होगी। हाईकोर्ट ने रोडवेज यूनियन व अन्य कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों को तलब किया था। इन्हें शुक्रवार को कोर्ट में मौजूद रहने के आदेश दिए गए थे।
  4. गुरुवार को चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ के समझ एडवोकेट अरविंद सेठ ने पिछले कई दिनों से हरियाणा रोडवेज के कर्मियों द्वारा हड़ताल की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि इस वजह से परिवहन व्यवस्था ठप पड़ी है। हड़ताल में अन्य विभागों के कर्मचारी भी शामिल होने लगे हैं। इससे राज्य में बिजली, पानी और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है।
  5. चीफ जस्टिस ने इसे गंभीर मुद्दा करार देते हुए दोपहर दो बजे सुनवाई तय की और उस दौरान एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन को पेश होने को कहा। मामले में अनुपम गुप्ता को हाईकोर्ट का सहयोग दिए जाने के लिए नियुक्त किया गया था। गुरुवार दोपहर दो बजे याचिका पर सुनवाई हुई तो हरियाणा के एडवोकेट जनरल ने बताया कि हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के समक्ष मामला चल रहा है।
  6. पिछले वर्ष रोडवेज यूनियन ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि वह हड़ताल पर नहीं जाएंगे। बावजूद इसके यूनियन ने हड़ताल का एलान किया। सिंगल बेंच ने अब यूनियन के नेताओं के खिलाफ अवमानना के तहत सुनवाई आरंभ कर दी है। चीफ जस्टिस ने इस जानकारी के बाद सिंगल बेंच के समझ चल रही मुख्य याचिका और अवमानना याचिका को भी अपने पास सुनवाई के लिए मंगवा लिया।
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Railway General Ticket on Mobile App

रेलवे / मोबाइल एप्लीकेशन पर बुक कर सकते हैं जनरल टिकट, रेलवे ने 1 नवंबर से शुरू की सुविधा

यात्री मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से पेपरलेस यात्रा टिकट, सीजन टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट बुक कर सकेंगे। रेलवे ने 1 नवंबर से यह सुविधा शुरू कर दी है। जनरल टिकट को मोबाइल एप्लिकेशन में ही वितरित किया जाएगा। यात्री टिकट की हार्डकॉपी के बिना भी यात्रा कर सकेंगे। सफर के दौरान जब टीटीई टिकट मांगेगा तो यात्री एप में ‘शो टिकट’ विकल्प का उपयोग कर के अपनी टिकट दिखा सकेंगे।

पेपरलेस टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने उठाया कदम

  1. रेलवे ने पेपरलैस टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार एक नई शुरुआत कर दी है। कागज रहित टिकट बुक करने के लिए यात्री का स्मार्टफोन इंटरनेट सुविधा से लैस होना जरूरी है। मोबाइल एैप पर रिजर्व की गई जनरल पेपरलेस टिकट को रद्द करने के अनुमति नहीं होगी।
  2. पेपरलेस टिकट बुक करने के बाद यात्रा एक घंटे के भीतर शुरू होनी चाहिए। सीजन टिकट मोबाइल एप्लिकेशन से जारी किया जा सकता है। यह टिकट बुकिंग के अगले दिन से वैध होगा। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म टिकट को भी रेलवे के मोबाइल एप से बुक किया जा सकेगा।
  3. रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि यात्री मोबाइल पर टिकट नहीं दिखा पाएगा तो उसे बिना टिकट मानकर जुर्माना वसूला जाएगा। उत्तर रेलवे दिल्ली के पीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि यात्री को एंड्रॉयड मोबाइल फोन पर गूगल एप स्टोर से रेलवे का एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद रेलवे ई-वॉलेट बनाने के लिए एक पंजीकरण आईडी संख्या मिलेगी। ई-वॉलेट को टॉप अप करने के लिए क्रेडिट या डेबिट कार्ड के जरिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट का उपयोग करें। इसका दूसरा विकल्प किसी भी रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर भी उपलब्ध होगा, जहां ई-वॉलेट को टॉप अप कराया जा सकेगा। इसके बाद आसानी से जनरल टिकट बुक हो सकेगी।
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New Airport: Sikkim

जागरण संवाददाता, गंगटोक : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को शाम में हेलीकॉप्टर से गंगटोक के लिविंग स्थित सेना के हेलीपैड पर पहुंचे। सोमवार की सुबह प्रधानमंत्री गंगटोक में पाक्यांग एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। हेलीपैड पर सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने प्रधानमंत्री की अगवानी की। लिविंग स्थित हेलीपैड से उनका काफिला राजभवन पहुंचा। लगभग दो किलोमीटर लंबे रास्ते के दोनों किनारे लोगों की भीड़ ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। उनकी एक झलक पाने के लिए लोग व्याकुल दिखे।

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Vendors may Sell Food in Trains

वेंडर ट्रेन में बेच सकेंगे खानपान का सामान

दीपक बहल’अंबाला|
अब प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन में वेंडर खानपान की सामग्री बेच सकेंगे। पहले यह गैर कानूनी था और दोषी पाए जाने पर छह माह की सजा होती थी। रेल मंत्रलय ने 18 सितंबर को सभी जोन को अधिकार दे दिया है कि वे स्टॉल मालिकों को ट्रेन में सामान बेचने की अनुमति दे सकते हैं। इस फैसले से रेलवे एक्ट की धारा 144 की पकड़ ढीली होगी, लेकिन आय बढ़ेगी और अवैध वेंडरों पर शिकंजा कसेगा।
ट्रेनों में खानपान का सामान धड़ल्ले से बेचा जाता रहा है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ऑपरेटिंग और कामर्शियल विभाग की इसे रोकने की जिम्मेदारी होती है। समय- समय पर विजिलेंस और स्पेशल टीमें भी छापामारी करती रहीं, लेकिन अवैध वेंडरों पर अंकुश नहीं लग सका। आखिर रेलवे ने सीमित आजादी देते हुए प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन में खानपान की सामग्री बेचने की अनुमति दे दी। इसके लिए स्टॉल मालिक को अलग से लाइसेंस लेना होगा। किस-किस ट्रेन में सामान बेचने का अनुमति होगी, इस संबंध में दिशा निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे। अधिकृत वेंडर ट्रेन में घूम-घूम कर सामान बेच सकेंगे।
स्टेशन पर फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम्स और अन्य खानपान की स्थायी यूनिटों को इसका लाभ मिलेगा।1 हालांकि कितने वेंडरों को यह अधिकार मिलेगा, इसका निर्धारण जोनल रेलवे या फिर संबंधित मंडल तय करेगा। इससे अवैध वेंडरों पर शिकंजा कसेगा। अपराध के कारण लगा दी थी|
पाबंदी: ट्रेनों में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों में पंजीकृत वेंडरों पर भी पाबंदी लगा रखी थी।दीपक बहल’अंबाला

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Railway Complaint: Online

ऑनलाइन दर्ज होगी रेल यात्रियों की शिकायत

आरपीएफ के पास होगा रेल यात्रियों की शिकायतों का ब्योरा

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : रेलवे स्टेशन परिसर या फिर सफर के दौरान ट्रेन में यात्रियों के साथ होने वाली वारदात की शिकायत अब ऑनलाइन दर्ज होगी। इससे यात्री को अपनी शिकायत को लेकर इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही इससे रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के हेल्पलाइन नंबर पर झूठी शिकायत करने वालों पर अंकुश लग सकेगा।1आरपीएफ के कंट्रोल रूम में ऑटोमैटिक कॉल डायवर्ट मशीन लगाई जा रही है। इसके लगने के बाद आरपीएफ हेल्पलाइन नंबर पर आने वाली शिकायतों का अपने आप पंजीकरण हो जाएगा। शिकायत पंजीकृत होते ही एक विशेष नंबर यात्री व संबंधित रेलवे स्टेशन के आरपीएफ थाने को भेजा जाएगा। इस नंबर के आधार पर यात्री को दी जाने वाली मदद को आरपीएफ ऑनलाइन अपडेट करेगी। रेल यात्रियों की सुविधा के लिए आरपीएफ ने 182, राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) ने 1512 और रेलवे ने 138 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित शिकायत 182 एवं 1512 पर की जाती है। वहीं खानपान व अन्य मामलों की शिकायत 138 नंबर पर की जाती है। कोई यात्री 182 नंबर पर कॉल करता है तो यह सूचना आरपीएफ के कंट्रोल रूम में पहुंचती है। वहां पर तैनात कर्मचारी शिकायत को रजिस्टर में दर्ज करता है। उसके बाद उस स्टेशन के आरपीएफ को इसकी सूचना दी जाती है जहां ट्रेन पहुंचने वाली होती है। कई बार कर्मचारियों की गलती या लापरवाही से यात्रियों की शिकायत सही ढंग से दर्ज नहीं होती है। परिणाम स्वरूप पीड़ित यात्री को मदद नहीं मिल पाती है। इसमें सुधार करने के लिए सभी रेल मंडलों के आरपीएफ कंट्रोल रूम में ऑटोमैटिक कॉल डायवर्ट मशीन लगाने की योजना है। इससे यात्रियों की शिकायतों का सही ढंग से निपटारा किया जा सकेगा। साथ ही शिकायत का पूरा रिकॉर्ड भी आरपीएफ के पास होगा। गलत शिकायत करने वालों की भी पहचान हो सकेगी।

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Road Rage Case against Navjot Siddhu

रोड रेज मामला: सिद्धू के खिलाफ सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट फिर तैयार

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली

पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री और कांग्रेसी नेता नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। 30 साल पुराने रोडरेज मामले में पीड़ित पक्ष की रिव्यू पिटीशन को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। घटना रोडरेज के दौरान बुजुर्ग की मौत से जुड़ी है। जस्टिस एएम खानविलकर और संजय किशन कौल की बेंच ने फैसले की समीक्षा के लिए दायर याचिका पर सिद्धू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 15 मई को सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को इस मामले में सिर्फ एक हजार रुपए का जुर्माना किया था। कोर्ट ने कहा था कि रोड रेज में हुई मौत के लिए सिद्धू को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
ये है मामला…
1988 में नवजोत सिंह सिद्धू पटियाला में कार से कहीं जा रहे थे और उस समय गुरनाम सिंह नामक एक बुजुर्ग से उनका झगड़ा हो गया। बताया जाता है कि गुरनाम सिंह और उनके बीच वादविवाद हुआ जिसके बाद सिद्धू अपना आपा खो बैठे। उन्होंने गुरनाम सिंह को थप्पड़ जड़ दिया जिसमें उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने नवजोत सिंह सिद्धू और उनके दोस्त रुपिंदर सिंह के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था। निचली अदालत ने नवजोत सिंह सिद्धू को सबूतों के अभाव में 1999 में बरी कर दिया था। लेकिन पीड़ित पक्ष निचली अदालत के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा। 2006 में हाईकोर्ट ने इस मामले में नवजोत सिंह सिद्धू को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ नवजोत सिंह सिद्धू सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई 2018 को सिर्फ जुर्माना लगाकर सिद्धू को बरी कर दिया। 
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Petrol, Diesel Price

पेट्रोल और डीजल के दाम में 14 महीने में सबसे बड़ी बढ़ोतरी

पेट्रोल 79.99 रु., डीजल 72.07 रु. लीटर

शुक्रवार को दिल्ली में पेट्रोल 48 पैसे और डीजल 52 पैसे महंगा हुआ
एजेंसी | नई दिल्ली
शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई। दिल्ली में पेट्रोल 48 पैसे महंगा होकर 79.99 रुपए का हो गया। डीजल के दाम 52 पैसे बढ़कर 72.07 रुपए लीटर हो गए। जून 2017 से दोनों ईंधन के दाम रोजाना तय हो रहे हैं। 14 महीने में यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। 16 अगस्त से पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना या तो बढ़े या स्थिर रहे, घटे नहीं हैं। हर बढ़ोतरी कीमत का नया रिकॉर्ड बनाती जा रही है। इसके विरोध में विपक्ष ने 10 सितंबर को बंद का आयोजन किया है।
फिलहाल लोगों को कीमतों से राहत मिलने की उम्मीद भी नहीं है। बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार इन पर एक्साइज ड्यूटी नहीं घटाएगी। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में करीब 46% और डीजल में 36% हिस्सा केंद्र और राज्य के टैक्स का है। कच्चे तेल के दाम घटने पर केंद्र ने नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के दौरान पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 11.77 रुपए और डीजल पर 13.47 रुपए बढ़ाई थी। यह बढ़ोतरी 9 बार में की गई थी।

पेट्रोल 2018 में 14% महंगा

22%
कच्चा तेल


(पेट्रोल-डीजल में मूल्यवृद्धि दिल्ली के मुताबिक)
ढुलाई खर्च बढ़ने के कारण कंज्यूमर गुड्स होंगे महंगे
पेट्रोल-डीजल महंगा होने और रुपया कमजोर होने से साबुन-पेस्ट जैसे एफएमसीजी और टीवी-फ्रिज जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए हैं, और कुछ तैयारी कर रही हैं। यह बढ़ोतरी 5 से 8% तक हो सकती है। ब्रिटानिया और पारले ने उत्पादों के दाम 5%-7% तक बढ़ाने की बात कही है। हिंदुस्तान यूनिलीवर और मेरिको के प्रोडक्ट 7% और कॉलगेट-पामोलिव के 4% तक महंगे हो चुके हैं।
देश में सामान ढुलाई खर्च विश्व औसत का दोगुना | भारत में किसी उत्पाद के दाम का औसतन 13-15% हिस्सा लॉजिस्टिक्स का होता है। विश्व औसत सिर्फ 6% है। देश में 60% सामान ढुलाई सड़क से होती है।
14%
पेट्रोल
21%
डीजल