Environment, Innovation

Automatic Destroyable Plastic

इन्वेंशन…एक समय के बाद अपने आप नष्ट हो जाएगा ‘नया प्लास्टिक’

आज दुनिया में प्लास्टिक बड़ी गंभीर समस्या बन गया है। पर्यावरण वैज्ञानिक इसे लेकर सबसे ज्यादा चिंतित हैं क्योंकि प्लास्टिक तैयार करने में पानी बहुत अधिक लगता है, जबकि उसे नष्ट करना बहुत जटिल और खर्चीला है। सभी महासागरों और नदियों में प्लास्टिक के कारण प्रदूषण गंभीर स्तर पर है।
अब अमेरिकी वैज्ञानिक ऐसे मटीरियल पर काम कर रहे हैं, जिसे प्लास्टिक का नया स्वरूप कहा जाएगा। वह प्लास्टिक की तरह काम जरूर करेगा, परन्तु एक समय बाद खुद नष्ट हो जाएगा। मौजूदा प्लास्टिक पॉलीमर है, जिसमें अणुओं की चेन होती है और उन्हें नष्ट करना बहुत खर्चीला होता है। एक पानी की बोतल बनाने में सैकड़ों लीटर पानी खर्च होता है, जबकि उसे रिसाइकल करने में उससे ज्यादा पानी व पैसा लगता है। यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय में डॉ. एडम फेनबर्ग और उनकी टीम इस नए प्लास्टिक पर काम कर रही है। वे कहते हैं, प्लास्टिक उपयोग के विकल्प ज्यादा नही हैं, इसलिए ऐसी चीज तैयार करना वक्त की मांग है, जिसे उसकी जगह रखा जा सके और उससे पर्यावरण को नुकसान भी न हो। प्रारंभिक परीक्षण में वह पास हो चुका है, कुछ परीक्षण होने बाकी हैं। मौजूदा प्लास्टिक के कारण पर्यावरण में सबसे ज्यादा प्रदूषण हो रहा है।