Media, Personality, Uncategorized

Celebrity in Advertisement

नए उपभोक्ता कानून में भ्रामक विज्ञापन में शामिल सेलिब्रिटी पर भी लगेगा जुर्माना

ग्राहकों को अधिक शक्तियां देने के उद्देश्य से तीन दशक पुराने उपभोक्ता संरक्षण कानून की जगह सरकार नया कानून ला रही है। इस कानून को लोकसभा ने मंजूरी दे दी है। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इस कानून के लागू होने पर उपभोक्ता के हाथ में कई और शक्तियां आ जाएंगी। यह बिल उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1996 का स्थान लेगा। अगर आपका कोई सामान खराब निकलता है अथवा किसी तरह की सेवा में कोई त्रुटि होती है तो यह आपकी शिकायत के लिए समाधान उपलब्ध कराएगा।
इस बिल में एक केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव किया गया है। जब कभी भी इस एजेंसी को लगेगा कि अनुचित व्यापार तरीकों की वजह से उपभोक्ता को बचाने की जरूरत है, वह तत्काल इसमें दखल देगी। एजेंसी संबंधित कंपनी पर सामूहिक कार्रवाई के साथ ही उसे संबंधित उत्पाद को बाजार से हटाने अथवा उपभोक्ता को रिफंड के लिए कह सकती है। इसे अमेरिका की प्रभावी यूएस फेडरल ट्रेड कमीशन की तर्ज पर बनाया गया है।
इस बिल में किसी उत्पाद को बनाने वाले के साथ ही उस उत्पाद का प्रचार करने वाले को भी जिम्मेदार माना गया है। अगर किसी उत्पाद या सेवा के बारे में कोई गलत या भ्रामक विज्ञापन दिया जाता है, जिससे उपभोक्ता के हितों को नुकसान होता है तो इसके लिए दो साल की जेल और 10 लाख रुपए का जुर्माना भी हो सकता है। ऐसे अपराध के लिए अधिकतम सजा दस साल और जुर्माना 50 लाख तक बढ़ाया जा सकता है। भ्रामक विज्ञापन करने वाली सेलिब्रिटी पर जुर्माना तो लगेगा, लेकिन कोई सजा नहीं होगी।
कई सेवाओं को एक साथ देने वाली कंपनियांे को सभी सेवाओं की जिम्मेदारी लेनी होगी। यदि कोई कंपनी होटल के साथ हवाई टिकट भी देती है तो उसकी जिम्मेदारी दोनों के लिए होगी। इसके अलावा गलत व झूठी शिकायतें रोकने के लिए ऐसी शिकायतों पर 10000 से 50000 तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इस बिल में सामूहिक कार्रवाई का नया प्रावधान किया गया है। इसका मतलब यह है कि निर्माता या सेवा प्रदाता की जिम्मेदारी किसी एक उपभोक्ता या वर्ग के प्रति न होकर सभी उपभोक्ताओं के प्रति होगी। सामूहिक कार्रवाई से सभी प्रभावित उपभोक्ता लाभान्वित हांेगे।
अगर किसी उत्पाद के निर्माण, डिजायन, फॉर्मूला, पैकेजिंग में गड़बड़ी अथवा अन्य किसी तरह की कमी की वजह से किसी को चोट लगती है, उसकी मौत हो जाती है या फिर किसी अन्य तरह का नुकसान होता है तो निर्माता, उत्पादक के साथ ही विक्रेता भी जिम्मेदार होगा। बिल में उपभोक्ताओं के संरक्षण के लिए जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर बने मौजूदा ढांचे को हटाकर उसे और शक्तिशाली बनाया जाएगा। उपभोक्ता संरक्षण आयोगों के साथ उपभोक्ता मध्यस्थता सेल को जोड़ा जाएगा, ताकि आयाेग में आने वाले मुकदमों की संख्या में कमी की जा सके।
इस बिल में ई-कॉमर्स सेवाओं को भी शामिल किया गया है। अभी तक उपभोक्ता सिर्फ उसी स्थान पर कानूनी कार्रवाई कर सकता था, जहां ट्रांजेक्शन होता था। नए कानून में उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अथवा अपने रहने के स्थान से भी उपभोक्ता कोर्ट में केस कर सकता है। नए कानून में मुकदमों के जल्दी समाधान के लिए प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। इसके तहत उपभोक्ता अपने घर से ई-फाइलिंग के माध्यम से शिकायत कर सकता है और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई में शामिल हो सकता है।
संसार का हर व्यक्ति कंज्यूमर है। वो अपने जन्म के दिन से ही किसी न किसी वस्तु का उपभोग शुरू कर देता है। इसमें कई बार हमें धोखा मिलता है, तो कई बार भरोसा कर हम ठगे भी जाते हैं। ऐसे में हम इस सीरीज़ में आपको उन अधिकारों और मामलों के बारे में बताएंगे जिन्हें जानना जरूरी है।
कंपनियों को उपभोक्ताओं की परमिशन जरूरी
अब ई कॉमर्स कंपनियों को किसी भी उपभोक्ता की जानकारी का इस्तेमाल करने के लिए चेकआउट के समय उसकी सहमति लेना जरूरी होगा। इसके अलावा इन कंपनियों को अपने व्यापार की जानकारी और विक्रेता से एग्रीमेंट की जानकारी भी देनी होगी। साथ ही यह भी बताना होगा कि वे उपभोक्ता के डाटा का किस तरह से इस्तेमाल करेंगी। इस बिल में ई-कॉमर्स कंपनियों को सेवा प्रदाता माना गया है न कि केवल मध्यस्थ। इससे कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी।

Politics, Public Services, Uncategorized

Power of Democracy

गुजरात के एक बूथ पर सिर्फ 1 मतदाता, छत्तीसगढ़ के पूरे गांव में सिर्फ 4 वोटर… आधे घंटे में 100% वोटिंग 

 दो दुर्गम इलाकों के सबसे कम मतदाताओं वाले बूथों से लाइव रिपोर्ट

भास्कर न्यूज | ऊना (गुजरात) / बैकुंठपुर (छत्तीसगढ़)
मंगलवार को हुए तीसरे चरण के मतदान के गुजरात और छत्तीसगढ़ के दो मतदान केंद्र चर्चा में रहे। जहां गुजरात के बाणेज में केवल एक मतदाता के लिए मतदान केंद्र बनाया गया। वहीं छत्तीसगढ़ के शेरडांड गांव में केवल चार मतदाताओं ने वोट दिया और आधे घंटे में 100 फीसदी मतदान हो गया।
गुजरात के बाणेज में गिर के जंगलों में रहते हैं महंत भरतदास बापू। ये गुजरात ही नहीं बल्कि देश के अकेले ऐसे मतदाता हैं जिनके लिए चुनाव आयोग एक पूरा बूथ तैयार करता है। भरतदास मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे अपना वोट डालने पहुंचे। वोटिंग शुरू होने के साढ़े तीन घंटे के अंदर ही जूनागढ़ लोकसभा सीट के इस पोलिंग बूथ पर 100 फीसदी वोटिंग हो गई। भरतदास को वोट डालते हुए देखने के लिए देश ही नहीं विदेश से भी पत्रकार पहुंचे थे। लाइव कवरेज भी किया गया। खास बात यह है कि बाणेज पर भले ही एक वोट पड़ना था लेकिन चुनाव आयोग की स्टैंडर्ड प्रक्रिया के तहत 50 वोटों की मॉक पोलिंग भी की गई। भरतदास बापू गिर के जंगलों में पिछले 20 सालों से रह रहे हैं। उनके साथ उनका एक सेवक भी रहता है, जिसका नाम पास ही के एक गांव की मतदाता सूची में है। गुजरात में कुल 51,851 बूथ बनाए गए हैं, जिसमें बाणेज के बूथ को सबसे ज्यादा दुर्गम माना जाता है।
दूसरी तरफ है कोरिया जिले के भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र का शेराडांड गांव। यहां एक ही परिवार के सिर्फ चार सदस्य ही मतदाता हैं। यहां के बूथ पर मंगलवार को सुबह साढ़े 7 बजे ही 100 फीसदी वोटिंग हो गई। दो चुनावकर्मी और 4 ग्रामीण मतदाता को मिलाकर छह वोट डाले गए।
पहली तस्वीर में शेरडांड गांव के चार मतदाता नजर आ रहे हैं। दूसरी तस्वीर में महंत भरतदास बापू हैं, जो बाणेज के एक बूथ के अकले मतदाता हैं।

Family, Uncategorized

Mother of 38 Children

युगांडा की महिला 6 बार जुड़वां, तीन बार चार-चार बच्चों को जन्म दे चुकी है
एजेंसी |कंपाला
युगांडा में 39 साल की एक महिला, जिसके 38 बच्चे हैं। यकीन करना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन यह सच है। महिला का नाम मरियम नाबातंजी है। जब उनकी शादी हुई, तब उनकी उम्र 12 साल थी। 13 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। मरियम के ज्यादातर बच्चे जुड़वां हैं। मरियम ने छह बार जुड़वां, चार बार तीन और तीन बार चार-चार बच्चों को जन्म दिया है। इस तरह से अब उनके 38 बच्चे हैं। पहली बार जब वह जुड़वां बच्चों की मां बनी थी, तब उन्होंने बर्थ कंट्रोल को लेकर डॉक्टर से सलाह ली थी। लेकिन डॉक्टर ने उनसे कहा था- बर्थ कंट्रोल के लिए दवाओं का इस्तेमाल उनके लिए घातक हो सकता है, क्योंकि उनका गर्भाशय बाकी महिलाओं के मुकाबले काफी बड़ा है। इसके बाद उन्होंने गर्भ निरोधक दवाओं का इस्तेमाल नहीं किया। 38 बच्चों की मां मरियम अपने बच्चों को अकेले ही पाल रही हैं। अपनी आखिरी प्रेग्नेंसी के समय उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने छठवीं बार जुड़वां बच्चों को जन्म दिया, लेकिन उनका एक बच्चा बच नहीं पाया। इस दौरान उनका पति भी उन्हें छोड़कर चला गया।
बड़े बच्चे मजदूरी कर घर चलाने में मदद कर रहे
हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा, ‘मेरा ज्यादातर समय पैसा कमाने और बच्चों की देखभाल में निकलता है। 38 बच्चों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराना काफी मुश्किल है। मेरे बच्चे समझदार हैं। सबसे बड़े बच्चे मजदूरी करके मदद करते हैं।

Government Office Working, Uncategorized

प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (PM-SYM) योजना

Brief on Pradhan Mantri Shram Yogi Maan-dhan (PM-SYM)
– A pension scheme for unorganised workers
The scheme is meant for old age protection and social security of Unorganised Workers (UW)
who are mostly engaged as rickshaw pullers, street vendors, mid-day meal workers, head
loaders, brick kiln workers, cobblers, rag pickers, domestic workers, washer men, home-based
workers, own account workers, agricultural workers, construction workers, beedi workers,
handloom workers, leather workers, audio- visual workers or in similar other occupations.
Eligibility Criteria
 Should be an unorganised worker (UW)
 Entry age between 18 and 40 years
 Monthly Income Rs 15000 or below
Should not be
 engaged in Organized Sector (membership of EPF/NPS/ESIC)
 an income tax payer
He/ She should possess
1. Aadhar card
2. Savings Bank Account / Jan Dhan account number with IFSC

चर्चा में क्यों?

श्रम और रोज़गार मंत्रालय (Ministry of Labour and Employment) ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन [Pradhan Mantri Shram Yogi Maan-dhan (PM-SYM)] योजना लॉन्च की है। अंतरिम बजट में घोषित इस योजना को श्रम मंत्रालय द्वारा हाल ही में अधिसूचित किया गया है।

योजना के पात्र

  • इस योजना के पात्र18-40 वर्ष की आयु समूह के घर से काम करने वाले श्रमिक, स्ट्रीट वेंडर, मिड डे मील श्रमिक, सिर पर बोझ ढोने वाले श्रमिक, ईंट-भट्टा मज़दूर, चर्मकार, कचरा उठाने वाले, घरेलू कामगार, धोबी, रिक्शा चालक, भूमिहीन मज़दूर, खेतिहर मज़दूर, निर्माण मज़दूर, बीड़ी मज़दूर, हथकरघा मज़दूर, चमड़ा मज़दूर, ऑडियो-वीडियो श्रमिक तथा इसी तरह के अन्य व्यवसायों में काम करने वाले ऐसे श्रमिक होंगे जिनकी मासिक आय 15,000 रुपए या उससे कम है।
  • पात्र व्यक्ति को नई पेंशन योजना (New Pension Scheme-NPS), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (Employees’ State Insurance Corporation-ESIC) और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees’ Provident Fund Organisation-EPFO) के लाभ के अंतर्गत कवर न किया गया हो तथा उसे आयकर दाता नहीं होना चाहिये।

योजना की प्रमुख विशेषताएँ

न्यूनतम निश्चित पेंशन (Minimum Assured Pension) : PM-SYM के अंतर्गत प्रत्येक अभिदाता को 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद प्रति महीने न्यूनतम 3,000 रुपए की निश्चित पेंशन मिलेगी।

परिवार को पेंशन (Family Pension) : यदि पेंशन प्राप्ति के दौरान अभिदाता (subscriber) की मृत्यु हो जाती है तो लाभार्थी को मिलने वाली पेंशन की 50 प्रतिशत राशि फैमिली पेंशन के रूप में लाभार्थी के जीवनसाथी (Spouse) को मिलेगी।

  • परिवार पेंशन/फैमिली पेंशन केवल जीवनसाथी के मामले में लागू होती है।
  • यदि लाभार्थी ने नियमित अंशदान किया है और किसी कारणवश उसकी मृत्यु (60 वर्ष की आयु से पहले) हो जाती है तो लाभार्थी का जीवनसाथी योजना में शामिल होकर नियमित अंशदान करके योजना को जारी रख सकता है या योजना से बाहर निकलने और वापसी के प्रावधानों के अनुसार योजना से बाहर निकल सकता है।

अभिदाता द्वारा अंशदानः अभिदाता का अंशदान उसके बचत बैंक खाता/जनधन खाता से ऑटो डेबिट’ (auto-debit) सुविधा के माध्यम से किया जाएगा। PM-SYM योजना में शामिल होने की आयु से 60 वर्ष की आयु तक अभिदाता को निर्धारित अंशदान राशि देनी होगी।योजना में प्रवेश के दौरान आयु के अनुसार विशेष मासिक अंशदान का विवरण इस प्रकार हैः

प्रवेश आयु  योजना पूरी होने के समय आयु सदस्य का मासिक अंशदान (रुपए में)  केंद्र सरकार का मासिक अंशदान (रुपए में)  कुल मासिक अंशदान (रुपए में)
(1) (2) (3) (4) (5)= (3)+(4)
18 60 55 55 110
19 60 58 58 116
20 60 61 61 122
21 60 64 64 128
22 60 68 68 136
23 60 72 72 144
24 60 76 76 152
25 60 80 80 160
26 60 85 85 170
27 60 90 90 180
28 60 95 95 190
29 60 100 100 200
30 60 105 105 210
31 60 110 110 220
32 60 120 120 240
33 60 130 130 260
34 60 140 140 280
35 60 150 150 300
36 60 160 160 320
37 60 170 170 340
38 60 180 180 360
39 60 190 190 380
40 60 200 200 400

 

केंद्र सरकार द्वारा बराबर का अंशदान (Matching contribution by the Central Government) : PM-SYM 50:50 के अनुपात आधार पर एक स्वैच्छिक तथा अंशदायी पेंशन योजना है, जिसमें निर्धारित आयु विशेष अंशदान (Age-Specific Contribution) लाभार्थी द्वारा किया जाएगा और तालिका के अनुसार बराबर का अंशदान केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा।

  • उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति की आयु 29 वर्ष है तो उसे 60 वर्ष की आयु तक प्रति महीने 100 रुपए का अंशदान करना होगा। केंद्र सरकार द्वारा बराबर का यानी 100 रुपए का अंशदान किया जाएगा।

PM-SYM योजना के अंतर्गत नामांकनः

  • अभिदाता के पास मोबाइल फोन, बचत बैंक खाता तथा आधार संख्या होना अनिवार्य है। पात्र अभिदाता नज़दीकी सामुदायिक सेवा केंद्रों (Community Service Centers-CSCs) पर जाकर आधार संख्या तथा बचत बैंक खाता/जनधन खाता संख्या को स्वप्रमाणित करके PM-SYM के लिये नामांकन करा सकते हैं।
  • बाद में अभिदाता को PM-SYM वेब पोर्टल पर जाने तथा मोबाइल एप डाउनलोड करने की सुविधा दी जाएगी और अभिदाता आधार संख्या /स्वप्रमाणित आधार पर बचत बैंक खाता/जनधन खाता का इस्तेमाल करते हुए अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

नामांकन एजेंसियाँ (Enrollment Agencies)

  • इस योजना के लिये नामांकन का कार्य सामुदायिक सेवा केंद्रों (CSCs) द्वारा किया जाएगा।
  • असंगठित श्रमिक आधार कार्ड तथा बचत बैंक खाता, पासबुक/जनधन खाता के साथ नज़दीकी CSCs जाकर योजना के लिये अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
  • पहले महीने में अंशदान राशि का भुगतान नकद करना होगा और इसकी रसीद दी जाएगी।

सहायता केंद्र

  • भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation-LIC) के सभी शाखा कार्यालयों, ESIC/EPFO के कार्यालयों तथा केंद्र तथा राज्य सरकारों के सभी श्रम कार्यालयों द्वारा असंगठित श्रमिकों को योजना, उसके लाभों तथा प्रक्रियाओं के बारे में बताया जाएगा।

कोष प्रबंधन (Fund Management) : PM-SYM केंद्र की योजना है, जिसका संचालन श्रम और रोज़गार मंत्रालय द्वारा किया जाएगा तथा भारतीय जीवन बीमा निगम और CSC के माध्यम से लागू किया जाएगा।

  • LIC पेंशन फंड मैनेजर (Pension Fund Manager) होगी और पेंशन भुगतान के लिये उत्तरदायी होगी।
  • PM-SYM पेंशन योजना के अंतर्गत एकत्रित राशि का निवेश भारत सरकार द्वारा निर्दिष्ट निवेश तरीकों के अनुसार किया जाएगा।

योजना से बाहर निकलने और वापसी संबंधी प्रावधान (Exit and Withdrawal) : असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों के रोज़गार के अनिश्चित स्वभाव को देखते हुए योजना से बाहर निकलने के प्रावधान लचीले रखे गए हैं जो इस प्रकार हैं-

  • यदि अभिदाता 10 वर्ष से कम की अवधि में योजना से बाहर निकलता है तो उसे केवल लाभार्थी के अंशदान के हिस्से को बचत बैंक ब्याज दर के साथ दिया जाएगा।
  • यदि अभिदाता 10 वर्षों या उससे अधिक की अवधि के बाद लेकिन 60 वर्ष की आयु से पहले योजना से बाहर निकलता है तो उसे लाभार्थी के अंशदान के हिस्से के साथ कोष द्वारा अर्जित संचित ब्याज के साथ या बचत बैंक ब्याज, दर जो भी अधिक हो, के साथ दिया जाएगा।
  • यदि लाभार्थी ने नियमित अंशदान किया है और किसी कारणवश उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसका जीवनसाथी नियमित अंशदान करके इस योजना को आगे जारी रख सकता है या कोष द्वारा अर्जित एकत्रित वास्तविक ब्याज या बचत बैंक ब्याज दर, जो भी अधिक हो, के साथ लाभार्थी का अंशदान लेकर योजना से बाहर निकल सकता है।
  • यदि लाभार्थी ने नियमित अंशदान किया है और 60 वर्ष की आयु से पहले किसी कारणवश स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है और योजना के अंतर्गत अंशदान करने में अक्षम होता है तो उसका जीवनसाथी नियमित अंशदान करके इस योजना को आगे जारी रख सकता है या कोष द्वारा अर्जित एकत्रित वास्तविक ब्याज या बचत बैंक ब्याज दर, जो भी अधिक हो, के साथ लाभार्थी का अंशदान प्राप्त कर योजना से बाहर निकल सकता है।
  • अभिदाता और उसके जीवनसाथी दोनों की मृत्यु के बाद संपूर्ण राशि कोष में जमा करा दी जाएगी।
  • NSSB की सलाह पर सरकार द्वारा तय योजना से बाहर निकलने का कोई अन्य प्रावधान।

अंशदान में चूकः

  • यदि अभिदाता ने निरंतर अपने अंशदान का भुगतान नहीं किया है तो उसे सरकार द्वारा निर्धारित दंड राशि के साथ पूरी बकाया राशि का भुगतान करके अंशदान को नियमित करने की अनुमति होगी।

पेंशन भुगतानः

  • 18-40 वर्ष की प्रवेश आयु में योजना में शामिल होने के बाद 60 वर्ष की उम्र तक तक लाभार्थी को अंशदान करना होगा। 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर अभिदाता को परिवार पेंशन लाभ के साथ प्रति महीने 3000 रुपए की निश्चित मासिक पेंशन प्राप्त होगी।

संदेह तथा स्पष्टीकरणः

  • योजना को लेकर किसी तरह के संदेह की स्थिति में JS & DGLW (Joint Secretory & Directorate General Labour Welfare) द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण अंतिम होगा।

PM-SYM योजना के अंतर्गत निर्धारित ब्याज दर

  • हालाँकि यह योजना भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा चलाई जाएगी लेकिन भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (Insurance Regulatory and Development Authority of India) ने अभी तक इसके परिचालन के पहले साल के ब्याज दर की घोषणा नहीं की है।
  • यह संभव है कि PM-SYM को अधिक आकर्षक बनाने के लिये इसकी ब्याज दर को लगभग संगठित क्षेत्र के पेंशन फंड की दर के समान रखा जाए।

PM-SYM कैसे अलग है अटल पेंशन योजना से?

  • PM-SYM,अटल पेंशन योजना जिसकी शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी, का एक बेहतर संस्करण है।
  • अटल पेंशन योजना के तहत ब्याज दर लगभग 5% है लेकिन PM-SYM को अधिक आकर्षक बनाने के लिये इसकी ब्याज दर को अटल पेंशन योजना की ब्याज दर से अधिक रखा जा सकता है।
  • अटल पेंशन योजना की शुरुआत आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को पेंशन अथवा वृद्धावस्था में आय सुरक्षा के दायरे में लाने के उद्देश्य से की गई थी, जबकि प्रधानमंत्री श्रम मान-धन योजना की शुरुआत असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिये की गई है। उल्लेखनीय है कि देश के असंगठित क्षेत्र में लगभग 42 करोड़ श्रमिक काम करते हैं।

स्रोत : पी.आई.बी

Awards

Bhart Ratan & Padam Awards

भारत के शीर्ष नागरिक सम्मान
विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व योगदान के लिए नागरिक सम्मान दिए जाते हैं, क्रमानुसार शीर्ष 4 नागरिक सम्मान हैं-
1. भारत रत्न
2. पद्म विभूषण
3. पद्म भूषण
4. पद्म श्री

यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान मानव सेवा के किसी भी क्षेत्र में असाधारण योगदान या किसी भी क्षेत्र में उच्चतम प्रदर्शन पर दिया जाता है। अभी तक कला, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक क्षेत्र और खेल मंे 45 लोगों को यह सम्मान दिया जा चुका है। इसकी सिफारिश प्रधानमंत्री करते हैं। भारत रत्न एक वर्ष में 3 ही व्यक्तियों को दिया जा सकता है।
2019 में इन्हें मिला सम्मान-
भूपेन हजारिका : (कला), नानाजी देशमुख- (सामाजिक क्षेत्र), प्रणब मुखर्जी- (लोक कार्य)
भारत रत्न
1954 में भारत रत्न और पद्म विभूषण की शुरुआत की गई। बाद में तीन श्रेणियां प्रथम वर्ग, द्वितीय वर्ग और तृतीय वर्ग बनाए गए जिन्हंे 8 जनवरी 1955 को राष्ट्रपति के आदेश से क्रमश: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री नाम दिया गया।
पद्म पुरस्कार
ये पुरस्कार कला, सामाजिक कार्य, जनहित के मामले, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, मेडिसिन, व्यापार एवं उद्योग, साहित्य तथा शिक्षा, खेलकूद और नागरिक सेवाओं में असाधारण प्रदर्शन पर दिए जाते हैं। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इन नामों की घाेषणा की जाती है।
पद्म विभूषण
यह द्वितीय सर्वाेच्च नागरिक सम्मान है। यह किसी भी क्षेत्र में असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।
2019 में इन्हें मिला सम्मान-
तीजन बाई (कला), इस्माइल उमर गुलेह- लोक कार्य), अनिल कुमार मणिभाई नाइक- (व्यापार व उद्योग।), बलवंत मोहेश्वर पुरंदरे- (कला)
पद्म भूषण
यह उच्च क्रम मंे विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। वर्ष 2019 मंे 14 लोगों को यह सम्मान प्रदान किया गया।
पद्म श्री
यह महत्वपूर्ण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों के 94 लोगों को इससे सम्मानित किया गया।
स्रोत : padmaawards.gov.in
वीरता पुरस्कार
इनके अलावा सेना के प्रतिष्ठित सम्मान शौर्य चक्र, कीर्ति चक्र, अशोक चक्र भी नागरिकों को अदम्य साहस और वीरता के प्रदर्शन पर दिए जाते हैं।
ऐसे करें याद- Ravi Bush
Ra- रत्न, vi- विभूषण, Bu- भूषण, Sh- श्री।