Transport

Roadways Strike in Haryana Ends

हरियाणा में 16 अक्टूबर से जारी रोडवेज हड़ताल आखिरकार 18वें दिन हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद खत्म हो गई। शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी की कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां कोर्ट ने रोडवेज कर्मचारियों के साथ-साथ दूसरी कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों को पेश होने के लिए बुलाया था। कोर्ट ने कर्मचारियों को 3.15 तक हड़ताल खत्म करने का आदेश दिया था। 3.15 के बाद जब कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई तो कर्मचारियों ने कोर्ट को हड़ताल खत्म करने का आश्वासन दिया है और कहा है कि शनिवार से हरियाणा रोडवेज सड़कों पर दौड़ने लगेगी।

गुरुवार को कोर्ट में हरियाणा रोडवेज हड़ताल के मुद्दे पर हुई थी सुनवाई

  1. इससे पहले सुबह चीफ जस्टिस की कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई थी। जिसमें कोर्ट ने यूनियन को 12.30 बजे तक हड़ताल खत्म कर कोर्ट को नोटिफाई करने के लिए बोला था लेकिन कोई भी यूनियन कर्मचारी हाईकोर्ट नहीं पहुंचा। इसके बाद 2 बजे फिर से सुनवाई शुरू हुई। कोर्ट ने यूनियन के पदाधिकारियों को दोपहर 3.15 बजे तक हड़ताल खत्म करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा है कि लोग परेशान हो रहे हैं, दीपावली अच्छे से मनाने के लिए हड़ताल खत्म करें।
  2. लोग परेशान हो रहे हैं। कोर्ट ने यह भी कहा है कि किसी भी कर्मचारी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा और एस्मा के तहत कार्रवाई नहीं होगी। कोर्ट ने कहा है कि वह कर्मचारियों की हड़ताल को सुनने के लिए तैयार है, लेकिन इससे पहले जनता के हित के लिए हड़ताल को खत्म करें। कोर्ट में यूनियन के नेता बलवान सिंह के साथ सवाल- जवाब हुए। कोर्ट ने कहा है कि 12 तारीख को यूनियन नेता और सरकार के नुमाइंदे के बीच बैठक करवाकर मामले को हल किया जाएगा।
  3. बता दें कि गुरुवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने फैसला लिया था कि रोडवेज से जुड़े सभी मुद्दों की सुनवाई उनकी कोर्ट में होगी। हाईकोर्ट ने रोडवेज यूनियन व अन्य कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों को तलब किया था। इन्हें शुक्रवार को कोर्ट में मौजूद रहने के आदेश दिए गए थे।
  4. गुरुवार को चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ के समझ एडवोकेट अरविंद सेठ ने पिछले कई दिनों से हरियाणा रोडवेज के कर्मियों द्वारा हड़ताल की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि इस वजह से परिवहन व्यवस्था ठप पड़ी है। हड़ताल में अन्य विभागों के कर्मचारी भी शामिल होने लगे हैं। इससे राज्य में बिजली, पानी और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है।
  5. चीफ जस्टिस ने इसे गंभीर मुद्दा करार देते हुए दोपहर दो बजे सुनवाई तय की और उस दौरान एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन को पेश होने को कहा। मामले में अनुपम गुप्ता को हाईकोर्ट का सहयोग दिए जाने के लिए नियुक्त किया गया था। गुरुवार दोपहर दो बजे याचिका पर सुनवाई हुई तो हरियाणा के एडवोकेट जनरल ने बताया कि हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के समक्ष मामला चल रहा है।
  6. पिछले वर्ष रोडवेज यूनियन ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि वह हड़ताल पर नहीं जाएंगे। बावजूद इसके यूनियन ने हड़ताल का एलान किया। सिंगल बेंच ने अब यूनियन के नेताओं के खिलाफ अवमानना के तहत सुनवाई आरंभ कर दी है। चीफ जस्टिस ने इस जानकारी के बाद सिंगल बेंच के समझ चल रही मुख्य याचिका और अवमानना याचिका को भी अपने पास सुनवाई के लिए मंगवा लिया।
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Railway General Ticket on Mobile App

रेलवे / मोबाइल एप्लीकेशन पर बुक कर सकते हैं जनरल टिकट, रेलवे ने 1 नवंबर से शुरू की सुविधा

यात्री मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से पेपरलेस यात्रा टिकट, सीजन टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट बुक कर सकेंगे। रेलवे ने 1 नवंबर से यह सुविधा शुरू कर दी है। जनरल टिकट को मोबाइल एप्लिकेशन में ही वितरित किया जाएगा। यात्री टिकट की हार्डकॉपी के बिना भी यात्रा कर सकेंगे। सफर के दौरान जब टीटीई टिकट मांगेगा तो यात्री एप में ‘शो टिकट’ विकल्प का उपयोग कर के अपनी टिकट दिखा सकेंगे।

पेपरलेस टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने उठाया कदम

  1. रेलवे ने पेपरलैस टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार एक नई शुरुआत कर दी है। कागज रहित टिकट बुक करने के लिए यात्री का स्मार्टफोन इंटरनेट सुविधा से लैस होना जरूरी है। मोबाइल एैप पर रिजर्व की गई जनरल पेपरलेस टिकट को रद्द करने के अनुमति नहीं होगी।
  2. पेपरलेस टिकट बुक करने के बाद यात्रा एक घंटे के भीतर शुरू होनी चाहिए। सीजन टिकट मोबाइल एप्लिकेशन से जारी किया जा सकता है। यह टिकट बुकिंग के अगले दिन से वैध होगा। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म टिकट को भी रेलवे के मोबाइल एप से बुक किया जा सकेगा।
  3. रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि यात्री मोबाइल पर टिकट नहीं दिखा पाएगा तो उसे बिना टिकट मानकर जुर्माना वसूला जाएगा। उत्तर रेलवे दिल्ली के पीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि यात्री को एंड्रॉयड मोबाइल फोन पर गूगल एप स्टोर से रेलवे का एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद रेलवे ई-वॉलेट बनाने के लिए एक पंजीकरण आईडी संख्या मिलेगी। ई-वॉलेट को टॉप अप करने के लिए क्रेडिट या डेबिट कार्ड के जरिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट का उपयोग करें। इसका दूसरा विकल्प किसी भी रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर भी उपलब्ध होगा, जहां ई-वॉलेट को टॉप अप कराया जा सकेगा। इसके बाद आसानी से जनरल टिकट बुक हो सकेगी।
consumer, Gas, Insurance

LPG Customers Insurance

Public liability insurance for LPG customers

In case of the unfortunate event of an accident, we want you to know that all registered consumers are covered under an insurance policy.

1. To avail the benefit, Consumer must immediately inform the distributor in writing. The distributor will then inform the concerned Office of the Oil Marketing Company and the Insurance Company about the same.

2. The consumer must provide the originals of Death Certificate(s) and Post Mortem report(s) /Coroners report/Inquest report, as applicable, in case of deaths and original Medical Bills, Doctors’ Prescriptions in original supporting the purchase of the medicines, Discharge Card in original and any other documents related to the hospitalization in case of injuries.

3. In case of property damage at customers’ registered premises, the Insurance Co. appoints their Surveyor to assess the loss.

4. Claims are settled based upon the merit of each case. The concerned Insurance Company takes decision regarding settlement of the claim as per the provisions of Insurance Policies.

5. Customers are not required to apply to Insurance Company or to contact them directly.

The monetary value of coverage under the no fault liability policy is as under:

  • Personal accident cover of Rs.6,00,000/- per person per event in case of death
  • Covers medical expenses of Rs.30 lakhs per event, maximum Rs.2,00,000/- per person. Immediate relief upto Rs. 25,000/- per person.
  • Property damage maximum Rs.2,00,000/- per event at authorised customer’s registered premises.
  • It also covers customers who are supplied through reticulated system of LPG (Piped LPG).

In addition to the above, all LPG distributors also have Third Party Liability Insurance to cover losses in the event of an LPG accident.

 

Transport

New Airport: Sikkim

जागरण संवाददाता, गंगटोक : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को शाम में हेलीकॉप्टर से गंगटोक के लिविंग स्थित सेना के हेलीपैड पर पहुंचे। सोमवार की सुबह प्रधानमंत्री गंगटोक में पाक्यांग एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। हेलीपैड पर सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने प्रधानमंत्री की अगवानी की। लिविंग स्थित हेलीपैड से उनका काफिला राजभवन पहुंचा। लगभग दो किलोमीटर लंबे रास्ते के दोनों किनारे लोगों की भीड़ ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। उनकी एक झलक पाने के लिए लोग व्याकुल दिखे।

Transport

Vendors may Sell Food in Trains

वेंडर ट्रेन में बेच सकेंगे खानपान का सामान

दीपक बहल’अंबाला|
अब प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन में वेंडर खानपान की सामग्री बेच सकेंगे। पहले यह गैर कानूनी था और दोषी पाए जाने पर छह माह की सजा होती थी। रेल मंत्रलय ने 18 सितंबर को सभी जोन को अधिकार दे दिया है कि वे स्टॉल मालिकों को ट्रेन में सामान बेचने की अनुमति दे सकते हैं। इस फैसले से रेलवे एक्ट की धारा 144 की पकड़ ढीली होगी, लेकिन आय बढ़ेगी और अवैध वेंडरों पर शिकंजा कसेगा।
ट्रेनों में खानपान का सामान धड़ल्ले से बेचा जाता रहा है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ऑपरेटिंग और कामर्शियल विभाग की इसे रोकने की जिम्मेदारी होती है। समय- समय पर विजिलेंस और स्पेशल टीमें भी छापामारी करती रहीं, लेकिन अवैध वेंडरों पर अंकुश नहीं लग सका। आखिर रेलवे ने सीमित आजादी देते हुए प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन में खानपान की सामग्री बेचने की अनुमति दे दी। इसके लिए स्टॉल मालिक को अलग से लाइसेंस लेना होगा। किस-किस ट्रेन में सामान बेचने का अनुमति होगी, इस संबंध में दिशा निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे। अधिकृत वेंडर ट्रेन में घूम-घूम कर सामान बेच सकेंगे।
स्टेशन पर फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम्स और अन्य खानपान की स्थायी यूनिटों को इसका लाभ मिलेगा।1 हालांकि कितने वेंडरों को यह अधिकार मिलेगा, इसका निर्धारण जोनल रेलवे या फिर संबंधित मंडल तय करेगा। इससे अवैध वेंडरों पर शिकंजा कसेगा। अपराध के कारण लगा दी थी|
पाबंदी: ट्रेनों में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों में पंजीकृत वेंडरों पर भी पाबंदी लगा रखी थी।दीपक बहल’अंबाला

Medical

आयुष्मान योजना: प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना

24-09-2018

Modicare helps over 1,000 patients in 24 hrs

Jamshedpur Mom First Beneficiary, Gives Birth To Girl

New Delhi:

In less than 24 hours of PM Narendra Modi launching the Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana, over 1,000 patients availed benefits of the health insurance scheme, with maximum cases being reported from Chhattisgarh and Haryana, followed by Jharkhand, Assam and MP, official sources said.

Modi handed out five gold cards while launching the scheme on Sunday. Soon after, a baby girl was born in East Singbhum Sadar Hospital in Jamshedpur to Poonam Mahto — the first beneficiary of the health programme after its official roll out.

Within hours of the rollout in Jharkhand, at least four patients were admitted to Ranchi Institute of Medical Sciences for various procedures including urology, stenting and cystoscopy.

The scheme seeks to provide annual cashless health cover of Rs 5 lakh each to over 10 crore families, including 50 crore beneficiaries While 98% of the beneficiaries have already been identified, National Health Agency (NHA) — responsible for implementing the scheme — is busy dispatching letters from the PM to each beneficiary informing about the scheme and how to access care under it. These letters, containing a QR code and other details of identified family, can be used by such patients directly at the point of care to receive services in all empanelled government and private hospitals.

“We have dispatched over 40 lakh letters. These letters will be scanned by ‘Arogya Mitras’ or trained facilitators at hospitals to verify beneficiaries,” an official said. The NHA has also started a website mera.pmjay.gov.in and a helpline number, 14555 to help prospective beneficiaries check if they are eligible.

PM presents a PMJAY card to a beneficiary in Ranchi on Sunday

80 लाख लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा

मळ्ख्यमंत्री बोले, आर्थिक, जातिगत गणना के अलावा जरूरतमंद को भी होगा लाभ

जागरण संवाददाता, करनाल : मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आयुष्मान योजना में वर्ष 2011 में हुई सामाजिक, आर्थिक व जातिगत जनगणना के अनुसार लाभार्थियों का चयन किया है। प्रदेश में 72 नागरिक अस्पताल और 158 प्राइवेट अस्पतालों को जोड़ा है। इस योजना का लाभ प्रदेश के साढ़े 15 लाख परिवारों और 80 लाख लोगों को मिलेगा। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ देने पर विचार चल रहा है। वह रविवार को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ करने पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के लाभार्थी पैनल के अस्पतालों मे गंभीर बीमारियों में पांच लाख तक के कैशलेस इलाज करवा सकेंगे। उनके साथ राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, विधायक हर¨वद्र कल्याण, बख्शीश सिंह विर्क, भगवानदास कबीरपंथी, मुख्यमंत्री के आएसडी अमरेंद्र सिंह और कल्पना चावला राजकीय महाविद्यालय के निदेशक डा. सुरेंद्र कश्यप आदि मौजूद रहे।

जागरण संवाददाता, करनाल : मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आयुष्मान योजना में वर्ष 2011 में हुई सामाजिक, आर्थिक व जातिगत जनगणना के अनुसार लाभार्थियों का चयन किया है। प्रदेश में 72 नागरिक अस्पताल और 158 प्राइवेट अस्पतालों को जोड़ा है। इस योजना का लाभ प्रदेश के साढ़े 15 लाख परिवारों और 80 लाख लोगों को मिलेगा। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ देने पर विचार चल रहा है। वह रविवार को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ करने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के लाभार्थी पैनल के अस्पतालों मे गंभीर बीमारियों में पांच लाख तक के कैशलेस इलाज करवा सकेंगे। उनके साथ राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, विधायक हर¨वद्र कल्याण, बख्शीश सिंह विर्क, भगवानदास कबीरपंथी, मुख्यमंत्री के आएसडी अमरेंद्र सिंह और कल्पना चावला राजकीय महाविद्यालय के निदेशक डा. सुरेंद्र कश्यप आदि मौजूद रहे।

विभिन्न जिलों में मंत्रियों ने योजना का आगाज किया1आयुष्मान भारत योजना का केंद्र व प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने अलग-अलग जिलों में शुभारंभ किया। इसके तहत केंद्रीय रेल व कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुग्राम के सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में योजना के शुभारंभ के साथ ही छह लाभार्थियों को गोल्डन रिकॉर्ड कार्ड भेंट किए। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने फरीदाबाद के बादशाह खान अस्पताल में योजना का आगाज किया। उन्होंने पहली लाभार्थी अंजलि को गोल्ड कार्ड सौंपा। पंचकूला में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने सोनीपत में योजना का शुभारंभ किया।

इन श्रेणियों को भी शामिल करने पर विचार:मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना का दायरा हरियाणा में सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जनगणना-2011 के सर्वे के अलावा अन्य श्रेणियों के लिए बढ़ाया जाएगा। इनमें भवन एवं सन्ननिर्माण श्रम कल्याण बोर्ड के पंजीकृत श्रमिक, बीपीएल परिवारों के साथ-साथ आजाद हंिदू फौज में शामिल सैनिक, हंिदूी आंदोलन से जुड़े परिवारों, द्वितीय विश्व युद्ध और 1977 में आपातकाल में जेलों में रहे परिवारों को भी शामिल किया जाएगा।

पायलट प्रोजेक्ट के दौरान 6700 लाभार्थी ले सकेंगे लाभ| मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि 15 अगस्त को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी। अब तक प्रदेश में 6700 लोग इस योजना का लाभ ले चुके हैं। वे इस वर्ष दोबारा से लाभ ले सकेंगे।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की पहली लाभार्थी बनी अंजलि

गरीबों को पांच लाख तक के मळ्फ्त इलाज देने के लिए रविवार को शळ्रू हळ्ई योजना

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जागरण संवाददाता, फरीदाबाद: गरीब परिवार को साल भर में पांच लाख रुपये तक के नि:शुल्क इलाज देने के लिए रविवार को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ किया गया। बादशाह खान अस्पताल में इस योजना का केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने लाभार्थियों को गोल्ड कार्ड प्रदान कर शुभारंभ किया। गोल्ड कार्ड हासिल करने वालीे अंजलि पहली लाभार्थी बनी, जिन्हें कृष्णपाल गुर्जर ने कार्ड सौंपा।

कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि इलाज बहुत महंगा होता जा रहा है। इसी बात को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री ने सरकार बनते ही कहा था कि सरकार देश के गरीबों को समर्पित सरकार है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जिले के पांच लाख से ज्यादा लोग लाभ प्राप्त कर सकेंगे। एक परिवार का एक साल में 5 लाख रूपये तक का नि:शुल्क इलाज किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पहले बिना पैसे के गरीब आदमी निजी अस्पतालों में अपना इलाज नहीं करा पाते थे। इससे इलाज के अभाव में करोड़ों लोग दम तोड़ देते थे।

उन्होंने बताया कि इस योजना में 2011के सामाजिक, आर्थिक आधार पर किए गए सर्वे को ध्यान में रखते हुए शामिल किया गया है। इस योजना में सरकारी अस्पतालों के अलावा 8 निजी अस्पतालों को भी पैनल पर लिया गया है। कार्ड होल्डर व उसके परिवार का सदस्य इन अस्पतालों में जाकर अपना नि:शुल्क इलाज करा सकते हैं। 1इस अवसर पर बड़खल की विधायक सीमा त्रिखा, भूमि सुधार एवं विकास बोर्ड के चेयरमैन अजय गौड़, महापौर सुमन बाला, वरिष्ठ उप महापौर देवेंद्र चौधरी, उप महापौर मनमोहन गर्ग, पार्षद बीर सिंह नैन, समाजसेवी सतीश फागना, मदन पुजारा,ओमदत्त शर्मा,जिला परिषद के चेयरमैन विनोद चौधरी,भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा,जिला उपायुक्त अतुल कुमार, फरीदाबाद के एसडीएम सतबीर मान,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.असरूद्दीन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ.बीर सिंह सहरावत, नोडल अधिकारी डॉ.रमेश कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रामभगत,डॉ.राजेश श्योकंद, डॉ. दारा सिंह, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष डॉ. पुनीता हसीजा तथा पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ.सुरेश अरोड़ा भी मौजूद रहे।

Internet & Privacy, Social Media

FB, Google to face antitrust probe?

22nd Sept., 2018

Executive Order Awaits Trump’s Sign

The White House has drafted an executive order for President Donald Trump’s signature that would instruct federal antitrust and law enforcement agencies to open investigations into the business practices of Alphabet’s Google, Facebook and other social media companies. The order is in its preliminary stages and hasn’t yet been run past other government agencies, according to a White House official.

The document instructs US antitrust authorities to “thoroughly investigate whether any online platform has acted in violation of the antitrust laws”. It instructs other government agencies to recommend within a month after it’s signed actions that could potentially “protect competition among online platforms and address online platform bias”.

“Social Media is totally discriminating against Republican/Conservative voices,” Trump had posted on Twitter in August. “Speaking loudly and clearly for the Trump Administration, we won’t let that happen. They are closing down the opinions of many people on the RIGHT, while at the same time doing nothing to others.”

Social media companies have acknowledged in congressional hearings that their efforts to enforce prohibitions against online harassment have sometimes led to erroneous punishment of political figures from both the Left and the Right, and that once discovered those mistakes have been corrected. They say there is no systematic effort to silence conservative voices.

The draft order directs that any action federal agencies take should be “consistent with other laws” — an apparent nod to concerns that it could threaten the traditional independence of US law enforcement or conflict with the First Amendment, which protects political views from government regulation.

“ …It is essential that American citizens are protected from anticompetitive acts by dominant online platforms,” the order says. It adds that consumer harm — a key measure in antitrust investigations — could come “through the exercise of bias”. BLOOMBERG

If signed, the order would represent a significant escalation of Trump’s antipathy toward Google, Facebook, Twitter and other social media firms, whom he has publicly accused of silencing conservative voices

Google didn’t tweak search results: CEO

Google’s CEO Sundar Pichai denied reports of efforts to politically bias the company’s internet search results, Axios reported on Friday citing a memo. The Wall Street Journal citing internal emails reported on Thursday that the company’s staff discussed ways to alter search functions to counter the Trump administration’s 2017 travel ban. According to Axios, Pichai wrote an email to “Googlers” saying an internal email to suggest the company would compromise the integrity of its search results for a political end were “absolutely false”. “It’s important to me that our internal culture continues to reinforce our mission to organise the world’s information and make it universally accessible and useful ,” Pichai was quoted as saying. Google was not immediately available for comment. REUTERS