monuments, Uncategorized

Atal Samark

बिना कोई पेड़ काटे सदैव अटलसमाधि बनकर तैयार, 25 को पहली प्रार्थना सभा, पीएम-राष्ट्रपति समेत आएंगे कई विपक्षी नेता 

भारत रत्न पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की समाधि को सदैव अटलनाम दिया गया है 

पूर्व पीएम भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ बनकर तैयार है। अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को पहली प्रार्थना सभा अटल स्मृति न्यास की तरफ से रखी गई है। इसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पीएम समेत विपक्षी दलों के नेताओं को भी कार्ड भेजे गए हैं। फिलहाल समाधि की फिनिशिंग और सजावट का काम चल रहा है।
अटल स्मृति न्यास के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा ने भास्कर से बातचीत में बताया कि समाधि निर्माण में अटल जी के पर्यावरण प्रेम को ध्यान में रखकर इस तरह से समाधि बनाई गई है कि एक भी पेड़ काटने की जरूरत नहीं पड़ी, जहां पूर्व पीएम का संस्कार हुआ था। उससे थोड़ा हटकर समाधि बनाई गई है। प्रो. मल्होत्रा ने तर्क दिया कि जहां संस्कार हुआ था, उस जगह को संस्कार स्थल बना दिया गया है। आगे जिस तरह से दीन दयाल उपाध्याय के संस्कार के लिए निगम बोधघाट में बने स्थल पर बड़े नेताओं के संस्कार होते हैं, उसी तरह अब इस जगह पर कोई बड़ा नेता, पूर्व पीएम या पूर्व राष्ट्रपति की मृत्यु की दशा में वहीं संस्कार हुआ करेंगे।
7 एकड़ में फैला है राष्ट्रीय स्मृति स्थल, सदैव अटल 1.5 एकड़ में है
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की समाधि को ‘सदैव अटल’ नाम दिया गया है। पूर्व पीएम का 18 अगस्त, 2018 को निधन हुआ था और राष्ट्रीय स्मृति स्थल में 17 अगस्त को अंतिम संस्कार किया गया था। इस कॉम्प्लेक्स में राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह, आर वेंकटरमन, शंकर दयाल शर्मा, के आर नारायण, प्रधानमंत्री आईके गुजराल, पीवी नरसिंह राव, चंद्र शेखर की समाधि पहले से है। राष्ट्रीय स्मृति 7 एकड़ में फैला है, जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी की समाधि स्थल के लिए 1.5 एकड़ जमीन तय थी।
दीवारों पर अटल जी की कविताओं की पंक्तियां
सदैव अटल समाधि निर्माण में भव्यता का भी ध्यान रखा गया है। निर्माण में लाइटिंग का खूब इस्तेमाल है। समाधि के कमल फूल आकार में बनाने के साथ बीच में एक पारदर्शी पत्थर है, जिसमें रात को लाइट ज्योति की तरह दिखाई देगी। समाधि के चारो तरफ 8 दीवारें हैं जिस पर, मौत की उम्र क्या? दो पल भी नहीं, जिंदगी-सिलसिला, मैं जी भर जिया जैसी कविताएं लिखीं हुई हैं।

Advertisements
Education, Uncategorized

CBSE 10th & 12 Exam Date Sheet

सीबीएसई की 10वीं-12वीं की डेटशीट जारी 

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं की तारीख जारी कर दी है। दसवीं की परीक्षाएं 21 फरवरी से 29 मार्च, 2019 तक चलेंगी। 10वीं की पहली परीक्षा ई-पब्लिशिंग और ई-ऑफिस की है। वहीं 12वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से 3 अप्रैल, 2019 तक चलेंगी। बोर्ड का कहना है कि परीक्षाओं की तारीखें सभी बातों को ध्यान में रखकर तय की गई हैं। पूरी डेटशीट जानने के लिए सीबीएसई की वेबसाइट पर दसवीं के लिए https://goo.gl/ZmCnD3 लिंक और 12वीं के लिए goo.gl/xF9XDf लिंक पर देखें।
12वीं की 15 और 10वीं की 21 फरवरी से परीक्षाएं
10वीं (प्रमुख विषय)
7 मार्च गणित
13 मार्च विज्ञान (थ्योरी)
16 मार्च संस्कृति
19 मार्च हिंदी
23 मार्च अंग्रेजी
29 मार्च सामाजिक विज्ञान
12वीं (प्रमुख विषय)
2 मार्च इंग्लिश
5 मार्च फिजिक्स
6 मार्च एकाउंटेंसी
12 मार्च केमिस्ट्री
15 मार्च बॉयलोजी
18 मार्च गणित

Uncategorized

मेटकॉफ हाउस

आखिरी ब्रिटिश रेसिडेंट ने अपने लिए बनवाया था मेटकॉफ हाउस Matcoff house

उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस के पास 1835 में औपनिवेशिक शैली में एक घर बनाया गया था। इसे थॉमस मेटकाफ (1795-1853) ने अपने रहने के लिए बनवाया था। थॉमस मेटकाफ अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के दरबार में अंग्रेज गवर्नर जनरल का आखिरी ब्रिटिश रेसिडेंट (1835-53) रहा था। आजादी के बाद आईएएस की परीक्षा पास करने वालों की ट्रेनिंग यहीं होती थी।
1947 में मेटकाफ हाउस में आईएएस प्रशिक्षण स्कूल स्थापित किया गया था जहां आपातकालीन युद्ध सेवा के अफसरों को प्रशिक्षित किया गया था।
1958 में इस स्कूल को मसूरी शिफ्ट कर दिया गया। अंग्रेजों ने जब कलकत्ता से अपनी राजधानी दिल्ली बनाई,
1920-26 की अवधि में यह स्थान केंद्रीय विधान मंडल की कांउसिल ऑफ स्टेट का गवाह रहा।
अब रक्षा मंत्रालय के अधीन है इमारत 

Matcoff house1मेटकाफ हाउस के एक कमरे में पुस्तकालय था जिसमें 25 हजार से अधिक पुस्तकों का संग्रह था। इसमें नेपोलियन के जीवन और कृतित्व से संबंधित पुस्तकें और संगमरमर की एक पीठिका पर नेपोलियन की संगमरमर की मूर्ति रखी रहती थी। 1857 के पहले भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में इसे लूटा गया और जलाया गया। अंग्रेजों के दिल्ली पर दोबारा कब्जे के बाद इस घर का मालिकाना हक मैटकाफ के बेटे थियोफिलस मेटकाफ को मिल गया जो कि तत्कालीन अंग्रेज सेना का अफसर था। इन दिनों मेटकॉफ हाउस रक्षा मंत्रालय के अधीन है।

 

Transport

Roadways Strike in Haryana Ends

हरियाणा में 16 अक्टूबर से जारी रोडवेज हड़ताल आखिरकार 18वें दिन हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद खत्म हो गई। शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी की कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां कोर्ट ने रोडवेज कर्मचारियों के साथ-साथ दूसरी कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों को पेश होने के लिए बुलाया था। कोर्ट ने कर्मचारियों को 3.15 तक हड़ताल खत्म करने का आदेश दिया था। 3.15 के बाद जब कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई तो कर्मचारियों ने कोर्ट को हड़ताल खत्म करने का आश्वासन दिया है और कहा है कि शनिवार से हरियाणा रोडवेज सड़कों पर दौड़ने लगेगी।

गुरुवार को कोर्ट में हरियाणा रोडवेज हड़ताल के मुद्दे पर हुई थी सुनवाई

  1. इससे पहले सुबह चीफ जस्टिस की कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई थी। जिसमें कोर्ट ने यूनियन को 12.30 बजे तक हड़ताल खत्म कर कोर्ट को नोटिफाई करने के लिए बोला था लेकिन कोई भी यूनियन कर्मचारी हाईकोर्ट नहीं पहुंचा। इसके बाद 2 बजे फिर से सुनवाई शुरू हुई। कोर्ट ने यूनियन के पदाधिकारियों को दोपहर 3.15 बजे तक हड़ताल खत्म करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा है कि लोग परेशान हो रहे हैं, दीपावली अच्छे से मनाने के लिए हड़ताल खत्म करें।
  2. लोग परेशान हो रहे हैं। कोर्ट ने यह भी कहा है कि किसी भी कर्मचारी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा और एस्मा के तहत कार्रवाई नहीं होगी। कोर्ट ने कहा है कि वह कर्मचारियों की हड़ताल को सुनने के लिए तैयार है, लेकिन इससे पहले जनता के हित के लिए हड़ताल को खत्म करें। कोर्ट में यूनियन के नेता बलवान सिंह के साथ सवाल- जवाब हुए। कोर्ट ने कहा है कि 12 तारीख को यूनियन नेता और सरकार के नुमाइंदे के बीच बैठक करवाकर मामले को हल किया जाएगा।
  3. बता दें कि गुरुवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने फैसला लिया था कि रोडवेज से जुड़े सभी मुद्दों की सुनवाई उनकी कोर्ट में होगी। हाईकोर्ट ने रोडवेज यूनियन व अन्य कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों को तलब किया था। इन्हें शुक्रवार को कोर्ट में मौजूद रहने के आदेश दिए गए थे।
  4. गुरुवार को चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ के समझ एडवोकेट अरविंद सेठ ने पिछले कई दिनों से हरियाणा रोडवेज के कर्मियों द्वारा हड़ताल की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि इस वजह से परिवहन व्यवस्था ठप पड़ी है। हड़ताल में अन्य विभागों के कर्मचारी भी शामिल होने लगे हैं। इससे राज्य में बिजली, पानी और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है।
  5. चीफ जस्टिस ने इसे गंभीर मुद्दा करार देते हुए दोपहर दो बजे सुनवाई तय की और उस दौरान एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन को पेश होने को कहा। मामले में अनुपम गुप्ता को हाईकोर्ट का सहयोग दिए जाने के लिए नियुक्त किया गया था। गुरुवार दोपहर दो बजे याचिका पर सुनवाई हुई तो हरियाणा के एडवोकेट जनरल ने बताया कि हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के समक्ष मामला चल रहा है।
  6. पिछले वर्ष रोडवेज यूनियन ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि वह हड़ताल पर नहीं जाएंगे। बावजूद इसके यूनियन ने हड़ताल का एलान किया। सिंगल बेंच ने अब यूनियन के नेताओं के खिलाफ अवमानना के तहत सुनवाई आरंभ कर दी है। चीफ जस्टिस ने इस जानकारी के बाद सिंगल बेंच के समझ चल रही मुख्य याचिका और अवमानना याचिका को भी अपने पास सुनवाई के लिए मंगवा लिया।
Transport

Railway General Ticket on Mobile App

रेलवे / मोबाइल एप्लीकेशन पर बुक कर सकते हैं जनरल टिकट, रेलवे ने 1 नवंबर से शुरू की सुविधा

यात्री मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से पेपरलेस यात्रा टिकट, सीजन टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट बुक कर सकेंगे। रेलवे ने 1 नवंबर से यह सुविधा शुरू कर दी है। जनरल टिकट को मोबाइल एप्लिकेशन में ही वितरित किया जाएगा। यात्री टिकट की हार्डकॉपी के बिना भी यात्रा कर सकेंगे। सफर के दौरान जब टीटीई टिकट मांगेगा तो यात्री एप में ‘शो टिकट’ विकल्प का उपयोग कर के अपनी टिकट दिखा सकेंगे।

पेपरलेस टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने उठाया कदम

  1. रेलवे ने पेपरलैस टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार एक नई शुरुआत कर दी है। कागज रहित टिकट बुक करने के लिए यात्री का स्मार्टफोन इंटरनेट सुविधा से लैस होना जरूरी है। मोबाइल एैप पर रिजर्व की गई जनरल पेपरलेस टिकट को रद्द करने के अनुमति नहीं होगी।
  2. पेपरलेस टिकट बुक करने के बाद यात्रा एक घंटे के भीतर शुरू होनी चाहिए। सीजन टिकट मोबाइल एप्लिकेशन से जारी किया जा सकता है। यह टिकट बुकिंग के अगले दिन से वैध होगा। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म टिकट को भी रेलवे के मोबाइल एप से बुक किया जा सकेगा।
  3. रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि यात्री मोबाइल पर टिकट नहीं दिखा पाएगा तो उसे बिना टिकट मानकर जुर्माना वसूला जाएगा। उत्तर रेलवे दिल्ली के पीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि यात्री को एंड्रॉयड मोबाइल फोन पर गूगल एप स्टोर से रेलवे का एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद रेलवे ई-वॉलेट बनाने के लिए एक पंजीकरण आईडी संख्या मिलेगी। ई-वॉलेट को टॉप अप करने के लिए क्रेडिट या डेबिट कार्ड के जरिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट का उपयोग करें। इसका दूसरा विकल्प किसी भी रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर भी उपलब्ध होगा, जहां ई-वॉलेट को टॉप अप कराया जा सकेगा। इसके बाद आसानी से जनरल टिकट बुक हो सकेगी।
consumer, Gas, Insurance

LPG Customers Insurance

Public liability insurance for LPG customers

In case of the unfortunate event of an accident, we want you to know that all registered consumers are covered under an insurance policy.

1. To avail the benefit, Consumer must immediately inform the distributor in writing. The distributor will then inform the concerned Office of the Oil Marketing Company and the Insurance Company about the same.

2. The consumer must provide the originals of Death Certificate(s) and Post Mortem report(s) /Coroners report/Inquest report, as applicable, in case of deaths and original Medical Bills, Doctors’ Prescriptions in original supporting the purchase of the medicines, Discharge Card in original and any other documents related to the hospitalization in case of injuries.

3. In case of property damage at customers’ registered premises, the Insurance Co. appoints their Surveyor to assess the loss.

4. Claims are settled based upon the merit of each case. The concerned Insurance Company takes decision regarding settlement of the claim as per the provisions of Insurance Policies.

5. Customers are not required to apply to Insurance Company or to contact them directly.

The monetary value of coverage under the no fault liability policy is as under:

  • Personal accident cover of Rs.6,00,000/- per person per event in case of death
  • Covers medical expenses of Rs.30 lakhs per event, maximum Rs.2,00,000/- per person. Immediate relief upto Rs. 25,000/- per person.
  • Property damage maximum Rs.2,00,000/- per event at authorised customer’s registered premises.
  • It also covers customers who are supplied through reticulated system of LPG (Piped LPG).

In addition to the above, all LPG distributors also have Third Party Liability Insurance to cover losses in the event of an LPG accident.

 

Transport

New Airport: Sikkim

जागरण संवाददाता, गंगटोक : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को शाम में हेलीकॉप्टर से गंगटोक के लिविंग स्थित सेना के हेलीपैड पर पहुंचे। सोमवार की सुबह प्रधानमंत्री गंगटोक में पाक्यांग एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। हेलीपैड पर सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने प्रधानमंत्री की अगवानी की। लिविंग स्थित हेलीपैड से उनका काफिला राजभवन पहुंचा। लगभग दो किलोमीटर लंबे रास्ते के दोनों किनारे लोगों की भीड़ ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। उनकी एक झलक पाने के लिए लोग व्याकुल दिखे।